पृथ्वी की उतप्ति एवं विकाश कैसे हुआ ?इस सम्बंद में पूरी जानकारी


पृथ्वी की उतप्ति एवं विकाश कैसे हुआ ?

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पृथ्वी की उतप्ति एवं विकाश कैसे हुआ ?- पृथ्वी की उत्पति कैसे हुई ?पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत कैसे हुई ? पृथ्वी का उद्विकास जैसे अनेक सवाल हमारे मन में उठते है लकिन आज के पोस्ट में हम इन्ही सवालों का जवाब आपको देंगे इसलिए आज के पास में हम जानेंगे पृथ्वी की उतप्ति एवं विकाश कैसे हुआ ?

पृथ्वी पर अलग अलग कहानिया प्रचलित है जैसे धर्म ग्रंथो में पृथ्वी का निर्माण भगवान द्वारा हुआ ऐसा बताया जाता है ? लेकिन यह सही नहीं है | अगर इसी चीज़ को हम विज्ञान की नज़र से देखे तो इसका रवैया भिन्न है विज्ञान यह मानता है की पृथ्वी का उद्विकास हुआ है और इसको भगवान ने नहीं बनाया विज्ञान के अनुसार पृथ्वी आग का गोला थी जो जिसको आज के जैसा बनने में करोडो साल लगे है यही हमको हमारी किताबो में पढ़ाया भी जाता है इसलिए आज हम विज्ञान की नजर से विस्तार से जानेंगे

क्या आपको इस बारे में ख्याल आया है की पृथ्वी आग का गोला क्यों थी ? और यह ठंडी कैसे हुए ? अगर हां तो हम इसी पोस्ट पृथ्वी का उतप्ति एवं विकाश कैसा हुआ में हम विस्तार से जानेगे चलिए जानते है ? पृथ्वी की उतप्ति एवं विकाश कैसे हुआ ? और इस सम्बंद में पूरी जानकारी :-

1. सौरमंडल का निर्माण कैसे हुआ ?

पृथ्वी की उतप्ति एवं विकाश कैसे हुआ ? में सबसे पहले जानेगे हमारे सौरमंडल का निर्माण कैसे हुआ ? अगर आपको जानना है तो आपको आज से लगभग 5 बिलियन साल पहले चलना पड़ेगा हमारे सौरमण्डल के निर्माण के साथ ही पृथ्वी का निर्माण शुरू हुआ आज से करीब 5 बिलियन साल पहले हमारे अंतरिक्ष में बहुत सारी गैसों के मिलने से एक बहुत बड़ा धमाका हुआ था ।

जिससे बने आग के गोले के चारो और धूल के कण फैल गए और यह घुल के कण छोटे छोटे पथरो में बदलने लगे । यह कण सूर्य के चारो और चक्कर लगाने लगे और गुरुत्वाकर्षण के कारन यह आपस में एक दूसरे के करीब आने लगे और आपस में ग्रहो का निर्माण होने लगा इसी प्रकार हमारे सौरमण्डल में ग्रहो का निर्माण हुआ ।

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2. पृथ्वी की शुरुवात कैसे हुई ?

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पृथ्वी की उतप्ति एवं विकाश कैसे हुआ ? – आपको पृथ्वी के निर्माण के बारे में सौरमंडल के निर्माण से पता चल गया होगा फिर भी में आपको विस्तार से बताऊंगा । इस तरह से पृथ्वी का मुलभुत ढांचा बना । करोडो सालो तक ग्रेविटी ,चटानो ,और पत्थर को आपस में जोड़ती रही उस समय काफी सारे ग्रह सूर्य का चक्कर लगा रहे थे । इसी तरह चट्टानें आपस में टकराने के कारण पृथ्वी आग के गोले के रूप में सामने आ रही थी ।

फिर एक समाही ऐसा आया जब चट्टानों का आपस में टकराना रुक गया था ।। जब हमारी धरती का निर्माण हुआ था तब धरती बहुत गरम आग के गोले की तरह थी । धीरे धीरे समय के साथ साथ करोडो सालो बाद धरती ठंडा हो शुरू हो गयी । पृथ्वी ने ग्रेविटी की वजह से कुछ गैसों को अपनी और खींच कर धरती पर बाहरी परत का निर्माण किया ।

ऐसा कहा जाता है की आरम्भ के दिनों में पृथ्वी पर मंगल गृह जितना बड़ा गृह आपस में टकराया उस गृह का नाम धिया था । धिया और पृथ्वी के टकराने से उत्पन हुए मलबे से चन्द्रमा का निर्माण हुआ । इसी टकराव से पृथ्वी अपने अक्ष पर 23 डिग्री तक झुक गयी जिससे पृथ्वी पर मौसम में बदलाव आना शुरू हो गया उसके बाद पृथ्वी के भाग पर टेकनोनिक प्लेट के टकराव से पृथ्वी पर पहाड़ और ज्वालामुखियों का निर्माण हुआ

ज्वालामुखी से निकलने वाली गैसों ने पृथ्वी पर वातावरण को बनाया पृथ्वी पर टकराने वाले कई पिंड और चटान बर्फ के थे यह पिंड सुरमंडल के बहार वाले छेत्र के थे जिस वजह से पानी अस्तित्व में आया ।

आज से लगभग साढ़े चार अरब वर्ष पहले घरती एक आग के गोले से बदलकर एक शीतल सख्त चटान के सामान हो गया ।

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4. पृथ्वी का विकाश कैसे हुआ ?

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पृथ्वी की उतप्ति एवं विकाश कैसे हुआ ? – लगभग आज से 3 अरब साल पहले पृथ्वी का अधिक्तर भाग जल के विसाल भण्डार में दबा हुआ था इस दौरान लाखो वर्ष तक पृथ्वी पर बिजली के चमकने लगातार वर्षा होने वाष्पन और संघनन की निरंतर प्रकिया के चलते कई रासायनिक घटनाओ के बाद पृत्वी पर जल के विशाल भण्डार और वायुमंडल का निर्माण हुआ इस समय पृथ्वी पर केवल मौलिक ाणुओ और सरचनाओ का ही निर्माण हुआ था जीव जंतु और पेड़ पौधे तो दूर दूर तक नहीं थे ।

5. पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत कैसे हुई ?

पृथ्वी की उतप्ति एवं विकाश कैसे हुआ ? -कई सालो बाद जल और थल में जीवन के बहुत प्रकार के जीवो का निर्माण एवं विकाश प्रारम्भ हुआ इस समय समुन्द्र के कोने कोने में न्यूनतम स्तर के जीवो जैसे प्रोटोजोवा ,मूंगा जोह ,जैली फिश का जनम हुआ ।

इसके बाद पृथ्वी पर अनेक प्रकार की किट पतंगे विभिन प्रकार के जलीय जीवो का जनम हुआ उसके बाद एक युग आया जिसका नाम था मिसोजोइक युग जिसका काल कर्म 7 करोड़ से 22 करोड़ पहले का था इस युग में जल थल नभ में विचरने वाले जीवो का जनम हुआ और अनेक प्रकार के वनस्पतियो की उतपति हुई इस काल को डायनासोरो का काल भी कहा जाता है | इस समय डायनासोरो जैसे विशाल जानवरो का राज था कई वैज्ञानिको की माने तो 6 करोड़ वर्ष पहले किसी खगोलीय दुर्घना में इनका विनाष हो गया ।

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6. पृथ्वी पर सबसे पहले कौन सा जीव आया?

अगर देखा जाये तो पृथ्वी की उत्पत्ति के समय केवल पानी ही पानी अस्तित्व में था। इसका मतलब केवल समुंदर ही समुद्र और समुद्र में केवल जलीय जीव ही रह सकते हैं। इसलिए सबसे पहले जलीय जीव ही पृथ्वी पर आए और यही जीव सबसे पहले धरती पर पैदा हुए । इनमें एक कोशिकीय जीव जैसे अमीबा, जीवाणु और बहु कोशिश जीवों का धरती पर सबसे पहले आगमन हुआ।

7. पृथ्वी पर मानव का जनम कैसे हुआ ?

पृथ्वी की उतप्ति एवं विकाश कैसे हुआ ? -आज से करीब साथ करोड़ वर्ष पूर्व के इस युग को सिनोजोइक युग कहा जाता है इस युग में काफी सारे पेड़ पोधो और जन्तुओ का विकाश हुआ डार्विन के बताये जैव विकाश के अनुसार हमारे पूर्वजो यानी वन मनुष्य वानरों का भी विकाश इसी काल में हुआ

आज का मानव जो पहले बन्दर था जो समय बीत जाने के बाद धीरे धीरे मानव का रूप लेने लगा | और मानव अपने अंदर नए नए बदलव करते गया और मानव का विकाश होता गया धीरे धीरे जो करोड़ो वर्षो के बाद आज का मानव अस्तित्व में आया मानव होमो संपियन आज के युग का सबसे विकसित प्राणी है | मानव ने अपने बुद्धि के दम पर कई नई नई तक्नीक की खोज की और यह आगे भी जारी रहेगी ||

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8. पृथ्वी पर पानी कैसे आया ?

वैसे तो पानी को लेकर अभी तक पूरी तरह से स्पस्ट नहीं है इस बारे में बहुत से थ्योरी प्रचलित है लेकिन एक प्रसीद थ्योरी के अनुसार आज से करीब 450 करोड़ साल पहले अंतरिक्ष में धुंध का एक बहुत बड़ा बादल था । इस बादल पर हाइड्रोज़न और ऑक्सीजन के एटम का निर्माण हुआ उसके बाद यह एटम आपस में जुड़े और पानी का निर्माण हुआ ।

इस तरह पानी के बनने की शुरूवात हुई । यह पानी गैस क्लाउड के अंदर डस्ट रेन से चिपककर आइस क्रिस्टल में बदल गए फिर एक समय ऐसा आया जब यह इतने घने हो जाते है तब यह गुरुत्वाकर्षण से कोलेप्सेड होने लगे उन बादलो में इतना ज्यादा पानी था की यह हमारी पृथ्वी के महासागर को तीस लाख बार भर सकते थे लेकिन पानी की मौजूदगी से हम यह नहीं पता लगा सकते की यह पृथ्वी पर कैसे आया ।

वैज्ञानिक यह मानते है की जब पृथ्वी बनी थी तब उसपर पानी नहीं था यह पानी कविपल बेल्ट के पार से आइस कॉमन्स से आया होगा पृथ्वी पर जितना पानी है उसके लिए लाखो आइस कॉमन्स लगेंगे भले ही उसपर पृथ्वी से कितने ही आइस कॉम्स क्यों नहीं टकराते हो यह बात तो साफ़ है की आइस कॉमन्स से पानी आया जरूर था लेकिन इतना नहीं की महासागर भर सके आपको यह सुनकर अजीब लगेगा लेकिन एस्ट्रोरॉइड के साथ भी पानी आया था ।

एस्ट्रोरॉइड में उनका वजन का 20 % हिस्सा पानी होता है यह एस्ट्रोरॉड लाखो की संख्या में पृथ्वी से टकराये थे उस समय पृथ्वी पूरी जल रही थी जिस कारन इन एस्ट्रोरॉइड में छिपा पानी वाटर वेपर बनकर पृथ्वी के वायुमंडल में आया और जब यह इकठा हुआ तो वर्षा सुरु होने लगी जिस वजह दे आज पृथ्वी पर इतने बड़े महासागरों का निर्माण हुआ ।

9. पृथ्वी पर नमक कैसे आया ?

पृथ्वी की उतप्ति एवं विकाश कैसे हुआ ? – जब हमारी धरती पूरी आग का गोला थी और हमारे सौरमण्डल में जब चटाने इर्द गिर्द चकर काट रही थी तब हमारी पृथ्वी पर उल्का पिंडे हमारी धरती पर गिरना चालू हो गयी जब हमारी धरती का तापमान 200 डिग्री से ज्यादा था जो की इंसान के रहने लायक नहीं था तब उल्का पिंड लगभग 20 मिलियन साल तक गिरते रहे जिस वजह से हमारी पृथ्वी का तापमान लगातार ठंडा होता गया ।

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तब हमारी पृथ्वी का तापमान 70 से 80 डिग्री तक पहुँच गया उस समय हमारी पृथ्वी की सतह पर बर्फ जमना चालू हो गयी उसके बाद जब हमारी धरती पर उल्का पिंड गिरना बंद हो गयी तो हमारी उल्का पिंड में क्रिस्टलीय नामक पर्दार्थ पाया जाता था उसी को हम नमक के माध्यम से जानते है ।

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10. बिना पोधो के कहा से आई ऑक्सीजन ?

इस सवाल को जानने के लिए हमे 3.5 मिलियन साल पहले जाना होगा यह वो समय था जब समुन्द्र की निचली सतह पर पेड पौधे उग रहे थे इन पेड़ पोधो ने एक कॉलोनी बनाना सुरु कर दिया इन पर जीवित बैक्ट्रिया रहते थे इन पतों को ईस्ट्रोमेट्रोलीज़ कहा जाता है |इन पर मौजूद बैक्टीरिया सूर्य की रोशनी से भोजन बनाते है इन बैक्टीरिया को प्रकाश संस्लेशन भी कहते है ।

जिसमे यह सूर्य की किरणों की ताकत से कार्बन डाई ऑक्साइड और पानी को ग्लूकोज़ में बदल देते है जिसे शुगर भी कहा जाता है इसके साथ ही यह बैक्ट्रिया एक सर्व उत्पाद छोड़ता है जो ऑक्सीजन गैस होती है समय के साथ पूरा सागर ऑक्सीजन गैस भर गया ऑक्सीजन के कारण पानी में मौजूद लोहे को जंग लगने लग गयी जिसके कारण हमे लोहे का पता चला तब पानी में मौजूद ऑक्सीजन वायुमंडल में प्रवेश कर चुकी थी यही वह गैस थी जिससे जीवन संभव हुआ ।

11. चाँद कैसे बना ?

चाँद आज से लगभग 4.5 करोड़ वर्ष पहले धरती और थीया ग्रह (जो मंगल के आकार का ग्रह) के बीच जोरदार टक्कर हुई जिससे जो मलबा पैदा हुआ, उसके अवशेषों चन्द्रमा का निर्माण हुआ। यह मलबा पहले तो धरती की कक्षा में ही घूमता रहा और उसके बाद धीरे-धीरे एक जगह इकट्टा होकर चांद की शक्ल में बदलता गया।

अपोलो के अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा लाए गए पत्‍थरों की जांच से पता लगा है कि चंद्रमा और धरती की उम्र में कोई फर्क था। चन्द्रमा की चट्टानों में टाइटेनियम की मात्रा अत्यधिक पाई गई है। इन चट्टानी टुकड़ों पर ‘थिया’ नाम के ग्रह की निशानियां देखी जाती हैं ।

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दोस्तों आज का पोस्ट बहुत ही ज्ञान बढ़ाने वाला और आपके सवालों का जवाब देने वाला था आज के पोस्ट में हमने जाना की पृथ्वी की उतप्ति एवं विकाश कैसे हुआ ?इस सम्बंद में पूरी जानकारी ।उम्मीद है आपको हमारी पोस्ट पसंद आयी होगी अगर कोई सवाल हो तो कमेंट करके जरूर बताये

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मेरा नाम दीपक डागा है में अरुणाचल प्रदेश में रहता हु में पार्ट टाइम ब्लोग्गर हु मेरा ब्लॉग hindifreedom.com को मैंने 24 may 2020 start किया था मेरा ब्लॉग को बनाने का मुख्य उद्देश्य पाठको को हिंदी भाषा में ज्यादा से ज्यादा वैल्युएबल जानकारी उपलब्ध कराना है मुझे नार्थ ईस्ट इंडिया की संस्कृति से काफी लगाव है इसलिए में वहा की कल्चर से जुडी जानकारी शेयर करना पसंद करता हु | आपको कोई मदद की जरुरत हो तो नीचे कमेंट जरूर करे |

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