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नागालैंड की कल्चर हिंदी | नागालैंड की कला और संस्कृति

नागालैंड राज्य भारत के खूबसूरत राज्यों में से एक है यह राज्य पूर्वोतर भारत का एक राज्य है इसलिए हम बात करेंगे नागालैंड की कल्चर हिंदी के बारे में जो की भारत की उत्तर-पूर्व सीमा पर स्थित हैं। यह राज्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता,ऊँचे ऊँचे पहाड़ो ,हरे भरे पेड़ो ,के लिए विश्व भर में प्रसीद है और पर्यटकों द्वारा भारत के पसंदीदा हिल स्टेशनो में से एक है |

नागालैंड प्राकृतिक प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है शहरी भागदौड से दूर नागालैंड जाकर आपको पता चलेगा के जीवन क्या होता है ? यकीं मानिये आप नागालैंड की प्राकृतिक सुंदरता में इतनी खो जायँगे की आपको घर के याद भी नहीं आएगी |नागालैंड की कल्चर हिंदी , नागालैंड की विविधता, यहाँ का वातावरण,यहाँ के लोगो को देखकर लगेगा की हम इंडिया नहीं स्विज़रलैंड आ गए है नागालैंड को इसके दूसरे नाम “लैंड ऑफ फेस्टिवल” के नाम से भी जाना जाता है |

1. नागालैंड का इतिहास एवं भूगोल

नागालैंड की कल्चर हिंदी – नागालैंड को आजाद भारत का 1 दिसंबर, 1963 को 16वां राज्‍य बनाया गया |नागालैंड अपने पडोसी पूर्व में म्‍यांमार, उत्‍तर में अरूणाचल प्रदेश, पश्चिम में असम और दक्षिण में मणिपुर से घिरा हुआ है और यह राज्य पूर्व में 98 सेल्सियस तथा पश्चिम में 96 सेल्सियस देशांतर और भूमध्‍य रेखा के उत्‍तर में 26.6 से‍ल्सियस तथा दक्षिण में 27.4 सेल्सियस के बीच बसा है |

की राजधानी कोहिमा और इसका सबसे बड़ा शहर दीमा हैंनागालैंड 1 दिसंबर, 1963 को भारतीय संघ का 16वां राज्‍य बना। यह राज्‍य पूर्व में म्‍यांमार, उत्‍तर में अरूणाचल प्रदेश, पश्चिम में असम और दक्षिण में मणिपुर से घिरा हुआ

नागालैंड 1 दिसंबर, 1963 को भारतीय संघ का 16वां राज्‍य बना। यह राज्‍य पूर्व में म्‍यांमार, उत्‍तर में अरूणाचल प्रदेश, पश्चिम में असम और दक्षिण में मणिपुर से घिरा हुआ है। यह पूर्व में 98 सेल्सियस तथा 96 सेल्सियस देशांतर तथा भूमध्‍य रेखा के उत्‍तर में 26.6 से‍ल्सियस तथा 27.4 सेल्सियस अक्षांश के बीच बसा हुआ है।
नागालैंड के छेत्रफल की बात की जाए तो इसका छेत्रफल 16,579 वर्ग कि.मी. और जनसंख्या 2001 की जनगणना के अनुसार 19,88,636 है। नागालैंड का ज्यादातार छेत्र पहाड़ी है सिर्फ असम की सीमा से लगे क्षेत्र को छोड़कर |

नागालैंड राज्‍य का क्षेत्रफल 16,579 वर्ग कि.मी. तथा 2001 का जनगणना के अनुसार इसकी आबादी 19,88,636 है। असम घाटी की सीमा से लगे क्षेत्र के अलावा इस राज्‍य का क्षेत्र अधिकांशतः पहाड़ी है।नागालैंड की सरमती पहाड़ी नागालैंड और म्‍यांमार को सिमा से अलग करती है इसकी ऊंचाई 3,840 मीटर है |

नागालैंड के इतिहास की बात करे तो पता चलता है की यहाँ का इतिहास अस्पस्ट है नागालैंड की जनजातियों में संघर्ष समय के साथ चलता रहा है नागालैंड में उन्‍नीसवीं शताब्‍दी में अंग्रेजों के आने से यह क्षेत्र ईस्ट इंडिया कंपनी के अंडर में आ गया। लेकिन ईस्ट इंडिया कंपनी नागा लोगो के सामने ज्यादा सफल नहीं हो सकी आजादी के बाद 1957 में इसको केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया और इसको नगा हिल्‍स तुएनसांग क्षेत्र कहा जाने लगा |

इसके बाद भी आदिवासियों और सरकार के बीच लड़ाई चलती रही 1961 में इसका नाम बदलकर ‘नागालैंड’ रख दिया और 1 दिसंबर, 1963 को इसको पूर्ण भारतीय राज्य बनाया गया | लेकिन संघर्ष अभी भी जारी है अभी हाल ही में नागालैंड को सरकार ने अशांत चैत्र घोषित कर दिया है |

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2. नागालैंड की जनजातियां

नागालैंड की कल्चर हिंदी में अगर नागालैंड की जनजातियों की बात की जाए तो यहाँ पर कुल 16 जनजातीय निवास करती है यह एक छोटे से स्टेट में विविधता को दर्शाता है , नागालैंड में अंगामी, आओ, चाखेसांग, चांग, खिआमनीउंगन, कुकी, कोन्‍याक, लोथा, फौम, पोचुरी, रेंग्‍मा, संगताम, सुमी, यिमसचुंगरू और ज़ेलिआंग जनजाति प्रमुख है और यहाँ उप-जनजातियों सहित 66 जनजातीय समूह है नागा लोग भारतीय-मंगोल वर्ग में से एक है यह लोग उत्‍तर-पूर्वी पहाडियों से सटे क्षेत्रों और पश्चिमी म्यांमार के ऊपरी इलाकों में निवास करते है नागालैंड की जनजातीय जयादातर ईसाई धर्म का पालन करती है और नागालैंड को दुनिया में सबसे बैपटिस्ट राज्य माना भी जाता है |

अगर भाषा की बात की जाये तो नागा उज की भाषा एक दूसरे से अलग होने के कारण आपसी सवाद में कठिनाई आती है इसके लिए इंग्लिश मुख्य भूमिका निभाती है और इंग्लिश नागालैंड की आधिकारिक भाषा है और यह नागालैंड में सबसे ज्यादा बोली जाती है नागालैंड की लोकल भाषाऐ तिब्‍बत बर्मा भाषा परिवार में वर्गीकृत जाती है |

3. नागालैंड की संस्कृति नागालैंड की कल्चर हिंदी

नागालैंड की कल्चर हिंदी – नागालैंड की बात करते करते अब हम नागालैंड की कल्चर हिंदी पर आ पहुंचे है जहा हरी भरी वादियों में बसा हुआ प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर जितना सुन्दर है उतनी ही सुन्दर यहाँ की संस्कृति मौजूद है यहाँ की संस्कृति का प्रकृति से गहरा रिश्ता सदियों से रहा है और रहेगा भी ऐसा लगता है की प्रकर्ति ने अपने हाथो से इसको सजाया है इसलिए ही इसको ” पूरब का स्विजरलैंड” कहा जाता है क्युकी यहाँ चारो और सोन्दर्ये बिखरा हुआ पड़ा है नागालैंड की जनजातियाँ अपने पूर्वजो की वीरता को दर्शाती अपनी पारम्परिक वेशभूसा में होती प्रतीत होती है नागा लोगो में फेस्टिवल का एक खासा उत्साह होता है यह यहाँ की जीने की कला को दर्शाता है |

नागालैंड की युवा पीढ़ी में समय के साथ बदलाव आया है लेकिन वह अपनी प्राचीन संस्कृति में जरूर गर्व करते है और फेस्टिवल को पारम्परिक अंदाज़ में मनाते है नागालैंड में महिलाओ का बहुत सामान किया जाता है और दूसरे राज्यों के उलट महिलाओं को यहाँ परिवार का मुख्या माना जाता है सम्पति पर पहला अधिकार महिलाओ का होता है |
नागालैंड वेस्टर्न कल्चर से ज्यादा प्रभाविक होता मालूम पड़ता है यहाँ पर आपको बॉलीवुड से ज्यादा हॉलीवुड का ज्यादा क्रेज़ दिखाई देगा और यह आधुनिक कपड़ो में भी दिखाई देगा
नागालैंड में जितनी प्राचीन संस्कृति दूसरे उतर भारतीय राज्यों से अलग है उतनी आधुनिक संस्कृति भी अलग है

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4. नागालैंड के फेस्टिवल


नागालैंड के फेस्टिवल के बात किये बगैर नागालैंड का वर्णन अधूरा होगा नागालैंड के फेस्टिवल कभी नहीं खत्म होने वाले फेस्टिवल है यहाँ वर्ष भर में अनेक फेस्टिवल बड़े उत्साह से मनाये जाते है विभिन्न आदिवासी समूहों द्वारा अनेक फेस्टिवल मनाये जाते है जिसमे त्यौहार सुकरुण्ये,, येमेशे, सेकेरनी, मोत्सु मोंग, बुशू और भी कई अनेक त्यौहार मनाये जाते है । आदिवासी त्योहारों के अलावा सामान्य त्योहार जैसे क्रिसमस, नव वर्ष भी बड़े उत्साह से मनाये जाते है नागालैंड में हर महीने कोई न कोई त्यौहार आ ही जाता है |

हार्नबिल फेस्टिवल राज्य सरकार द्वारा नागा जनजातियो में आपसी मेलजोल बढ़ाने और आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया और यह नागालैंड सहित पुरे विश्व भर से पर्यटक देखने आते है यह फेस्टिवल हर साल दिसम्बर में मनाया जाता है पहले यह 7 दिन के लिए स्टार्ट किया गया लेकिन इसकी बढ़ती लोकप्रियता से बाद में 10 दिन तक कर दिया गया |

यह नागालैंड का सबसे लोकप्रिय फेस्टिवल है इसका नाम नागालैंड के प्रसीद पक्षी “हॉर्नबिल” के नाम पर रखा गया इसमें नागा कुश्ती, तीरंदाजी, सौंदर्य प्रतियोगिता, नागा राजा मिर्च खाने की प्रतियोगिता, संगीत समारोह जैसे अनेक समारोह आयोजित किये जाते हैं, जो स्थानीय लोग अपनी शिल्प कला को प्रदर्शित करते हैं और लकड़ी की नक्काशी, भोजन, हर्बल दवाएं अनेक पारम्परिक चीज़े बेचीं जाती हैं।

5. नागालैंड का खानपान

नागालैंड की कल्चर हिंदी में अगर हम यहाँ के खानपान की बात नहीं करे तो नागालैंड का वर्णन अधूरा रहेगा नागालैंड के खानपान की तो कुछ बात ही और है यहाँ की रसोइयों में कुछ अलग ही टेस्टी मसाले जमा मिलेंगे जो शायद किसी दूसरे स्टेट में न हो |नागालैंड में इस्तेमाल किया जाने वाला अदरक कुछ अलग तरह का होता है इसका टेस्ट भी बाकी अदरक से कुछ अलग और कही नहीं मिलने वाला होता है अगर बात की जाये नागालैंड की मिर्ची की “भुत जोलोकिया का घर है, जो दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में से एक मानी जाती है |

यहाँ के लोग भोजन को भाप देना ज्यादा पसद करते है सभी जनजातियों के अलग अलग प्रकार के व्यंजन होते है लेकिन इसमें मॉस मछली बहुत ज्यादा उपयोग किया जाता है i
स्मोक्ड पोर्क किण्वित सोयाबीन के साथ एवं चावल और चटनी के साथ तेरु व्यंजन को पकाया जाता है अन्य व्यंजन सूअर का मांस और रेशमकीट के लार्वा के साथ पका कर खाया जाता है इसके आलावा कुचल आलू और टमाटर के साथ नागा करी भी बहुत लोकप्रिय है | मसालों का उपयोग सभी व्यंजन में किया जाता है |

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6. नागालैंड की कला और पहनावा

ऐसे देखा जाये तो नागालैंड के लोगों का मुख्य व्यवसाय सिंचाई है, नागालैंड में खास कर महिलाओं को निपुणता प्रदान की जाती है धातुओं में लोहे, पीतल और टिन चीज़ो का उपयोग उत्तम किस्म के आभूषणों को बाजूबंद, नेकबैंड, चूड़ी और भी बहुत चीज़े बनायीं जाती है खूबसूरत हार बनाने के लिए बीड्स का इस्तेमाल किया जाता है।

नागा लोगो ने अपने अनोखे रंग और डिजाइन वाले शॉल, शोल्डर बैग, टेबल मैट आदि बुनकर पारंपरिक कला को जीवित रखा है आधुनिक पीढ़ी ने फैशन उद्योग में अपनी पहचान बनाई है इनके द्वारा कपड़े का उत्पादन किया जाता हैं |आप नागालैंड आयंगे तो हस्तशिल्प से आकर्षित हुए बिना नहीं रहोगे और नागालैंड, नागालैंड कला और शिल्प की संस्कृति केवल कपड़े और धातुओं तक ही नहीं हैबल्कि इससे भी विस्तृत है , नागालैंड में लकड़ी की नक्काशी और बांस के काम भी बड़े पैमाने पर किया जाता है नागालैंड के लिए शिल्पकला एक प्रमुख व्यवसाय है

7. नागालैंड का लोक नृत्य और संगीत

नागालैंड की कल्चर हिंदी – नागालैंड में नृत्य और संगीत नागा संस्कृति में अहम् योगदान रखता है यहाँ का नृत्य और संगीत देखकर आप भी उनके साथ कदमताल मिलाने को मजूर हो जाओगे यहाँ का नृत्य आम तौर पर विभिन्न संगीत वाद्ययंत्रों जैसे आसम (ड्रम), ताती, मुंह का अंग, बांस की बांसुरी आदि के साथ पूरी तरह से तालबंद करके बड़ी खूबसूरती के साथ किया जाता है ऐसा लगता है मानो पहाड़ो से चारो और आवाज़े गूंज रहे हो। इस तरह नृत्य रंगीन और अद्वितीय के गुण से भरपूर और अधिक असाधारण हो जाता है।

पारंपरिक वेशभूषा और आभूषण से सज्जित नागा लोग अपनी लोक गीत बहादुरी, रोमांस और ऐतिहासिक घटनाओं की कहानियां सुनाते हुए करते हैं।ऐसा नृत्य देखकर पर्यटक उसी में खो जाते है |
पुरुषों द्वारा पहनी जाने वाली पोशाक में हॉर्नबिल के काले और सफेद पंख और जंगली सूअर के कैनाइन दांतों के साथ इस तरह सजाया जाता है। इसके आलावा, कोई भी हार, चूड़ियां और टैटू को नजरअंदाज नहीं कर सकता है |

8. नागालैंड में शादी की प्रथा

नागालैंड अपनी दिलचस्प शादी की परम्परा के लिए देश भर में जाना जाता है आज हम नागालैंड में शादी से जुडी कुछ प्रथा बतायंगे ।नागालैंड की कल्चर हिंदी जितनी अनूठी है उतनी ही अनूठी शादी की परम्परा है नागालैंड में अन्गामिस जनजाति में अगर कोई लड़का किसी लड़की से शादी करना चाहता है तो सबसे पहले वह अपने दोस्त को उस लड़की के माता पिता की इजाजत पूछने के लिए भेजता है | यदि लड़की के माता पिता मान जाते हैं तब उस लड़के के पिता एक मुर्गी का गला काटने की परीक्षा लेते है |

यदि मुर्गी के मरते समय उसके पाव अपशगुनी तरीके से रखे जाते है तो वह रिश्ता तोड़ लिया जाता है । अगर मुर्गी के पाँव सही रखे होते है तो लड़की को रिस्ता सफल होने की बात बताई जाती है । इस समय पर लड़की अगले तीन दिन में कोई बुरा सपना नहीं देखती है तो उस लड़के से शादी की तारीख तय कर दी जाती है अगर ऐसा नहीं हुआ तो उस लड़के से शादी तोड़ दी जाती है ।

अगर बात मोंग्सेन जाती के लोगो की करे तो यहाँ अलग प्रथा चलन में है । यहाँ पर लड़का और लड़की को सगाई के बाद 20 दिन व्यापार यात्रा के लिए भेज फ़ेज़ा जाता है । इन् 20 दिनों के दौरान यदि दोनों को व्यापार में फायदा होता है तब तो शादी पक्की कर ली जाती है । अगर हानि हुए तो सगाई को तोड़ दिया जाता है।

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आज हमने जाना नागालैंड की कल्चर हिंदी | नागालैंड की कला और संस्कृति की पूरी जानकारी | उम्मीद है आपको यह पोस्ट पसंद आयी होगी अगर पोस्ट में कोई कमी हो तो कमेंट करके जरूर बताये |

Categories: north east Culture
Deepak daga: मेरा नाम दीपक डागा है में पांचू में रहता हु में पार्ट टाइम ब्लोग्गर हु मेरा ब्लॉग hindifreedom.com को मैंने 24 may 2020 start किया था मेरा ब्लॉग को बनाने का मुख्य उद्देश्य पाठको को हिंदी भाषा में ज्यादा से ज्यादा वैल्युएबल जानकारी उपलब्ध कराना है मुझे नार्थ ईस्ट इंडिया की संस्कृति से काफी लगाव है इसलिए में वहा की कल्चर से जुडी जानकारी शेयर करना पसंद करता हु | आपको कोई मदद की जरुरत हो तो नीचे कमेंट जरूर करे |

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